वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ‘शॉक’ से जवेरी बाजार उदास

मुंबई : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के ऐलान ने सोने-चांदी के कारोबार के लिए एशिया भर में मशहूर जवेरी बाजार के हजारों व्यापारियों के चेहरे की चमक गायब कर दी। सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी पर ऐलान शुरू किया तो सभी की नजरें टीवी स्क्रीन पर लग गईं लेकिन कुछ ही सेकेंड के बाद कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी 10 से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया गया। इसके अलावा, पहले से ही 3 प्रतिशत की जीएसटी लगती है। इस बढ़ोतरी से त्योहारी सत्र में व्यापार बढ़ने की उम्मीद लगाए दुकानदारों को जोरदार झटका लगा। 

सोने के दाम बढ़े 

बजट में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के ऐलान के तुरंत बाद ही मार्केट में असर दिखने लगा। सोने के दाम 35,000 के पास पहुंच गए। त्रिलोकचंद उमेदमल जूलर्स के कुमार जैन ने बताया, 'हमें जो भाव आता है, हम उसी अनुसार जूलरी बेचते हैं। सोने के भाव बढ़ेंगे, हम सरकार के इस फैसले से काफी निराश हैं।' गौरतलब है कि बजट से पहले कई प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात कर इंपोर्ट ड्यूटी कर करने की मांग की थी। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से भी सकारात्मक रुख नजर आने के बाद जूलर्स को इसके नीचे आने की काफी उम्मीदें थीं। 

इंपोर्ट कम करने की कोशिश

भारत विश्वभर में सोने का आयात करने वाला सबसे बड़ा देश है। सरकार संभवत: इस फैसले से सोने के आयात को कम कर चालू खाते का घाटा कम करने का लक्ष्य आगे बढ़ाना चाहती है। 2018-19 में सोने का इंपोर्ट 3 प्रतिशत घटकर 32.8 बिलियन डॉलर रहा है, जबकि 2017-18 में यह 33.7 बिलियन डॉलर था। 

स्मगलिंग का भी खतरा बढ़ा 

जूलर्स ड्यूटी बढ़ने से स्मगलिंग के रास्ते भारत में सोने का आने का खतरा बढ़ने का अंदेशा जता रहे हैं। इंडियन बुलियन ऐंड जूलर्स असोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता कहते हैं कि पिछले सात-आठ सालों में इंपोर्ट ड्यूटी 1 से बढ़कर 10 प्रतिशत तक हो गई थी लेकिन बावजूद इसके इंपोर्ट कम नहीं हुआ। इससे गैर-कानूनी तरीके से व्यवसाय बढ़ सकता है। सरकार से उम्मीद की जा रही है कि विदेशों से गलत तरीके से इनकी आवाक पूरी तरह से बंद की जाए। 

चांदी पर भी असर 

सोने के साथ-साथ इसका असर चांदी समेत अन्य कीमती धातुओं के दाम पर भी होगा। जाहिर तौर पर कीमतें बढ़ने से इनकी भी खरीदारी पर असर देखने को मिल सकता है। रांका जूलर्स के फतेहचंद रांका ने कहा कि पिछले दो साल में काफी बड़ें पैमाने पर तस्करी के मामले सामने आए हैं। अब ड्यूटी बढ़ने से यह खतरा और बढ़ जाएगा। समुद्री रास्तों की ओर से यह खतरा अधिक रहता है। चांदी के व्यवसाय पर भी इसका असर होगा।