2000 लापता की जांच, पुतले ने उगला मर्डर का राज
मुंबई : चार महीने पहले मुंबई में हुए मर्डर की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। नवघर पुलिस के तहत मुलुंड में एक शख्स का शव बरामद हुआ था। इस केस में केईएम अस्पताल के फरेंसिक विभाग के डॉक्टरों की मदद ली गई। डॉक्टरों ने मृतक व्यक्ति का कृत्रिम चेहरा बनाया और उसके आधार पर पुलिस ने लाश की शिनाख्त की और हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया। मुंबई पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान विजय कुमार यादव के रूप में हुई है। वह एक होटल में काम करता था, जहां उसके मित्र ने किसी बात को लेकर उसकी हत्या कर दी थी और लाश को केलकर कॉलेज के पास सुनसान इलाके में ले जाकर पहले पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया था। बाद में उसने शव को जलाकर वहीं फेंक दिया था।
नवघर पुलिस के अनुसार, जनवरी में मुलुंड के केलकर कॉलेज के पास झाड़ियों में एक लाश मिली थी। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा था लिहाजा नवघर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, देश भर में गायब हुए करीब दो हजार लोगों के रिकॉर्ड की पुलिस ने छानबीन की। काफी खोजबीन के बाद भी जब पुलिस को मृतक का सुराग नहीं मिल पाया तो उन्होंने केईएम अस्पताल के फरेंसिक विभाग के डॉक्टरों की मदद ली।
केईएम के ऑस्टिऑलजी विभाग के डॉक्टरों ने पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर वैज्ञानिक पद्धति से मृत व्यक्ति का संभावित चेहरा (पुतला) बनाया और पुलिस को दे दिया। इस पुतले की संरचना मृत व्यक्ति के वजन, ऊंचाई, शरीर की रूपरेखा समेत कई बारीक बिंदुओं पर आधारित थी। पुलिस ने इन सब सूबतों के आधार पर दोबारा इससे मिलते-जुलते चेहरे वाले लोगों की तलाश करनी शुरू की थी। आखिरकार अप्रैल में पुलिस के हाथ एक सुराग लग गया।
दरअसल, मुलुंड के विश्वभारती होटल में दो वेटरों में झगड़ा हुआ था। इस हमले में 30 साल का नवराज रेगमी बुरी तरह जख्मी हो गया था। पुलिस ने नवराज के बयान के आधार पर उसको मारने वाले आरोपी योगेश राणे को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ शुरू की थी। उसी दौरान पुलिस ने डॉक्टरों द्वारा बनाए गए पुतले को होटल में काम करने वाले इन दोनों लोगों यानी शिकायतकर्ता नवराज और आरोपी योगेश राणे को भी दिखाया। योगेश ने तो इनकार कर दिया, जबकि नवराज ने बताया कि इसकी शक्ल होटल में काम करने वाले विजय कुमार यादव से मिलती-जुलती है।
होटल वाले ने पुलिस को बताया कि विजय जनवरी से होटल में काम पर नहीं आ रहा है। पुलिस का शक अब और भी पुख्ता हो गया। इसके बाद जब पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि दोनों में से एक यानी योगेश राणे ने ही विजय कुमार यादव की हत्या की थी, जिसे उसने कबूल भी कर लिया। पुलिस ने योगेश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। हालांकि, योगेश ने विजय की हत्या क्यों की, इसका पता लगाने में नवघर पुलिस जुटी हुई है।
