सच्चे शिष्य की तरह सचिन तेंदुलकर ने अपने गुरु की अर्थी को दिया कंधा

सचिन तेंदुलकर, विनोद कंबली  समेत कई दिग्गज क्रिकेटरों को क्रिकेट के गुर सिखाने वाले अनुभवी कोच रमाकांत आचरेकर का बुधवार को निधन हो गया. आचरेकर के पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. आचरेकर 87 वर्ष के थे, उन्होंने अपने दादर स्थित घर में शाम पांच बजे अंतिम सांस ली. 2010 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित अचरेकर ने 11 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. वह मुंबई के न्यू हिंद स्पोर्ट्स क्लब के साथ दो साल तक क्रिकेट खेले. बहरहाल, गुरुवार को अचरेकर साहब का अंतिम संस्कार किया गया. इस अंतिम संस्कार में सचिन तेंदुलकर खुद शामिल हुए. उन्होंने एक सच्चे शिष्य की तरह अपने गुरु की अर्थी को कांधा भी दिया.बता दें कि आचरेकर ने सचिन और कांबली के अलावा प्रवीण आमरे, अजीत अगरकर, बलविंदर सिंह संधु, समीर दिगे, चंद्रकांत पंडित, रमेश पोवार और कई अन्य क्रिकेटरों को कोचिंग दी.