महाराष्ट्र पुलिस ने मलेशिया में जीता आयरनमैन का ख़िताब
यू तो महाराष्ट्र पुलिस हमेशा अपने काम' अपनी मेहनत,व क्राइम पर काबू पाने के लिए मशहूर है अक्सर हम लोगो ने देखा है की अपना घर छोड़ के महाराष्ट्र पुलिस अधिकारी हमेशा हमारी रक्षा करने के लिए २४ घंटे काम करते है सारे त्यौहार में हमारी रक्षा करते है आम जनता के लिए अपने परिवार से दूर रहकर हमारी हिफाज़त करते है ताकि हम सब त्यौहार अच्छे से मना सके रात भर जाग के गश्त (पेट्रोलिंग )करते है ताकि आम आदमी सुकून से सौ सके और शहर में कोई गुनाह ना हो.तरह तरह की तकलीफे उठा के महाराष्ट्र पुलिस हमारी हिफाज़त करती है.आज ऐसे ही महाराष्ट्र पुलिस के एक जा बाज़ पुलिस अधिकारी ने सारी दुंनिया में महाराष्ट्र पुलिस का लोहा मनवाया है ऐसे करने वाले सहायक पुलिस इंस्पेक्टर मुंबई क्राइम ब्रांच विभाग १० के वहीद अकबर पठान है मलेशिया में महाराष्ट्र पुलिस का लोहा मनवाया और बनगए आयरन मैन इससे पहले ये खिताब जीतने वाले महाराष्ट्र पुलिस के दो आई .पि.एस अधिकारी है
१) वि .वि आई.पी .सुरक्षा विभाग के आई.पि.एस. कृष्ण प्रकाश, अगस्त २०१७ में फ्रांस में हुई आयरनमैन ट्रॉयथलॉन प्रतियोगिता में ३ .८६ किलोमीटर तैराकी, ४२ किलोमीटर की मैराथन और १८० किलोमीटर साइकलिंग बगैर रुके महेज १४ घंटे ८ मिनट में पूरी कर पूरे देश को गौरान्वित कर दिया। आईजी कृष्ण प्रकाश से आयरनमैन बनने के दौरान आईजी कृष्ण प्रकाश ने कुछ कविता लिखी थी
जो हम यहाँ हमारे पाठको को बता रहे है
आईजी कृष्ण प्रकाश ने मैराथन की प्रैक्टिस से कुछ मिनट पहले लिखी थी- ये कविता
थक नहीं सकता अभी, रुक नहीं सकता कभी,
राह मेरी है कठिन, मंज़िल भी दुश्वार है।
मेरे बुलंद मुस्तकबिल की नहीं किसी को खबर,
चले चलो, बढ़े चलो, नगर- नगर, डगर-डगर।
तवील मुश्किल रास्तों का राही हूं ऐ रहगुजर ,
मुझे न इतना प्यार कर, न मेरा इंतजार कर।
निशां नये सुबह की अभी तलक दिखी नहीं,
जुस्तजू मिली नहीं, अभी कई मकाम और हैं।
जब आईजी कृष्ण प्रकाश तैराकी की प्रैक्टिस करके बाहर निकले, तो खुद की हिम्मत बनाए रखने के लिए उन्होंने फिर एक नई कविता लिखी:
मौज़ों को यार कर लिया हमने
लहरों से प्यार कर लिया हमने
साहिल दूर है मगर,मेरी उल्फत में
दरिया शुमार कर लिया हमने।
सांसों में बजता रहा सागर का सरगम,
आब से पांवों का होता रहा संगम।
बाहें भी करने लगीं अमृत का मंथन
चीरकर समंदर का सीना, मैं बढ़ता रहा मगन।
वह फिर अपनी एक कविता की चार लाइनें सुनाते हैं-
ये जिंदगी इक जंग है, हौसला बनाए रख।
जो रुक गए कहीं ये पाँव, डगमगा गई जो नाँव ,
पांव तू जमाए रख; मांझी ! चप्पू चलाए रख।
अपनी असली ताकत परख, संतुलन बनाए रख।
२) नासिक पुलिस आयुक्त रविंदरकुमार सिंघल ने आयरनमैन ट्रायथलॉन को सफलतापूर्वक पूरा करा था ।इस कार्यक्रम में, जिसमें १८० किमी की दूरी पर साइकिल चलाना शामिल था , लगभग ४ किमी और ४२ किलोमीटर के पूर्ण मैराथन के लिए तैराकी थी ,
५३ वर्षीय सिंघल ने १७ घंटे के निर्धारित समय के मुकाबले १५ घंटे और १३ मिनट में ट्रायथलॉन में पूरी कर पूरे देश को गौरान्वित कर दिया।
३) १७ नवंबर को मलेशिया के लंगकावी में आयोजित आयरन मैन स्पर्धा में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर मुंबई क्राइम ब्रांच विभाग १० के वहीद अकबर पठान ने प्रतियोगिता में १.३४ मिनट में ३.८ किलोमीटर तैराकी,
१८० किलोमीटर साइकिल रेस बगैर रुके महज ७ घंटे २५ मिनट में पूरा की ४२.२ किमी तक की दौड़
५ घंटे ५९ मिनट में पूरा किया १७ घंटे के निर्धारित समय के मुकाबले को १५ घंटे ०९ मिनट में पूरा कर पूरे देश को गौरान्वित कर दिया। सहायक पुलिस इंस्पेक्टर मुंबई क्राइम ब्रांच विभाग १० के वहीद
अकबर पठान ने और बनगए महाराष्ट्र पुलिस विभाग के तीसरे आयरन मैन जिन्हों ने मलेशिया में महाराष्ट्र पुलिस का नाम तीसरी बार रोशन हुआ !