J&K:महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने का दावा पेश कियाः ५६ विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को भेजी
पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने मिलकर जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने का फैसला किया है और राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा भी कर दिया है.
नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है. पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का दावा किया है. इसके लिए ५६ विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को भेज दी गई है. बता दें कि जेएंडके में सरकार बनाने के लिए कुल ४४ विधायकों की जरूरत है और पीडीपी ने ५६ विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा कर दिया है.
२१.११.२०१८ की शाम को ही खबर आई थी कि कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठबंधन हो रहा है. कल तक एक दुसरे के कट्टर दुश्मन रहे तीन विपक्षी दल एक साथ मिलकर सरकार बना रहे हैं. इस गठबंधन की घोषणा आज श्रीनगर में हो गई. पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने मिलकर जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने का फैसला किया है और राज्यपाल से मिलकर दावा भी कर दिया है.
पीडीपी नेता अल्ताफ बुखारी ने कहा कि विपक्षी दलों के ६० विधायकों के साथ आ रहे हैं. हालांकि समर्थन की चिट्ठी में ५६ विधायकों के ही नाम बताए जा रहे हैं. उन्होंने कहा था कि कश्मीर के स्पेशल स्टेटस, धारा ३७० और ३५ (ए) को बचाने के लिए सभी साथ आ रहे हैं.
अल्ताफ बुखारी ने कहा था कि बीजेपी को किनारे रखकर हम एक साथ मिलकर सरकार बनाएंगे. इसका अर्थ यह हुआ कि पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला की पार्टी ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाया. बता दें कि बीजेपी ने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया था, जिसकी वजह से महबूबा मुफ्ती की सरकार गिर गई थी. कश्मीर घाटी के हालात में सुधार नहीं होने के लिए बीजेपी ने पीडीपी पर ठीकरा फोड़ा था.
