रेल घोटाला: जिंदगी की जंग लड़ रहे लालू को झटका, कोर्ट में पेश होने का आदेश
नई दिल्ली : चारा घोटाले के मामले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। दूसरी ओर रेल घोटाले (IRCTC घोटाला) मामले में उन्हें कोर्ट से झटका मिला है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि लालू को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अगली सुनवाई कोर्ट के सामने उपस्थित होना पड़ेगा। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की पूरी व्यवस्था करें। मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
गौर हो कि बीमार होने की वजह से लालू को रांची जेल से राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में शिफ्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत बेहद खराब है। न तो वह उठ पा रहे हैं न ही खुद शौचालय जाने में सक्षम हैं। रिम्स के डॉक्टर का कहना है कि लालू का क्रिएटिनिन लेवल भी 1.5 से बढ़कर 1.85 हो गया है और उनका ब्लड सेल काउंट भी 12000 हो गया जो सामान्य रूप से 4000 से 8000 के बीच रहता है। फोड़े की वजह से डायबिटिज से ग्रस्त लालू का शुगर लेवल और ब्ल्ड प्रेशर बीते दो-तीन दिनों में बढ़ गया है।लालू दिसंबर 2017 में चारा घोटाले के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से रांची की बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं। इसके बाद उन्हें दो और मामलों में दोषी ठहराया गया और 14 साल कारावास की सजा सुनाई गई। लालू को 2013 में पहले चारा घोटाले मामले में दोषी पाया गया था और उन्हें 5 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
