बाघिन 'अवनि' के मारे जाने पर खफा मेनका गांधी बोलीं- वनमंत्री को बर्खास्त करें CM देवेंद्र फडणवीस
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में बाघिन अवनि को मारे (Tigress Avani Death) जाने की घटना तूल पकड़ रही है. केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी( Maneka Gandhi ) भी इस घटना को लेकर खफा है. उन्होंने महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार में शामिल वन मंत्री को पद से बर्खास्त करने की मांग की है. इसको लेकर मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस(maharashtra CM Devendra Fadnavis) को पत्र भी लिखा है. पत्र के जरिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से अनुरोध किया है कि वह अपने वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार को पद से ‘बर्खास्त करने' पर विचार करें. मंगलवार को मीडिया में मेनका गांधी की ओर से फडणवीस को लिखा एक पत्र जारी हुआ.इस पत्र में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से कहा है, ‘‘मैं आपसे बाघिन की अवैध हत्या को लेकर जिम्मेदारी तय करने का निवेदन कर रही हूं. पर्यावरण एवं वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार को पद से बर्खास्त करने पर विचार करें.'' केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने अपने पत्र में लिखा, ‘‘अगर पर्यावरण एवं वन मंत्री जानवरों को बचाने के बदले उनकी हत्या कराते हैं तो वह निश्चित रूप से अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रहे हैं. यह कुछ ऐसा ही है कि महिला एवं बाल विकास मंत्री बच्चों की तस्करी करने वालों के लिये काम करे.' गांधी ने कहा कि वह पिछले दो महीने से राज्य के वन मंत्री से बाघिन को लेकर बात कर रही थीं और उनसे बाघिन को शांत कराने और अलग रखने का आग्रह कर रही थीं. उन्होंने कहा कि अगर वन एवं पर्यावरण विभाग थोड़ा सा भी ‘धैर्यवान', संवेदनशील' होता तो बाघिन को बचाया जा सकता था.
13 लोगों का बाघिन ने किया था शिकार
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में आदमखोर बाघिन अवनि को एक अभियान चला कर मौत की नींद सुला दिया गया है. ऐसा माना जाता है कि इस खूंखार बाघिन ने 13 लोगों को शिकार बना लिया था. पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया आधिकारिक रूप से टी-वन नाम वाली इस बाघिन को शुक्रवार रात मार डाला गया. यह कारनामा शार्प शूटर असगर अली ने कर दिखाया. अधिकारियों ने बताया, ‘‘ दूसरी बाघिन के मूत्र और अमेरिकी इत्र को इलाके में छिड़का गया, जिसे सूंघते हुये अवनि वहां आ पहुंची.'' उन्होंने कहा, ‘‘वन अधिकारियों ने पहले उसे जिंदा पकड़ने का प्रयास किया, पर घना जंगल और अंधेरा होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका, आखिरकार एक गोली दागी गई और बाघिन ढेर हो गई.'' उन्होंने बताया, ‘‘जब उसने हिलना डुलना बंद कर दिया तो वन अधिकारी उसके पास गये और बाद में उसे नागपुर अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.
